Wednesday, 15 February 2017

स्थगित पल


उस दोपहर 
जब सारे ब्रह्मांड का नाद सौन्दर्य 
सिमट आया था तुम्हारी वाणी में 
तुम्हारे शब्द मेरे भीतर 
झर रहे थे बसंत की तरह 
तुम्हारी देहगंध टकरा के तन से मेरे 
फ़ैल गयी थी फ़िज़ा में 
तुम्हारी नेह दृष्टि 
समा गई थी मन के किसी कोने में
तुम्हारी मुस्कान तुम्हारे अधरों से होती हुई 
आ बैठी थी मेरे होटों पे 
ठीक उसी समय 
एक पल स्थगित कर दिया था मैंने 
सबसे बचा के  
कभी भविष्य के लिए 
गर मिले कभी तुम 
तो सौप दूँगी तुम्हे 

तुम आओगे ना प्रिये


फिलहाल तो मैं जी रही हूँ 

तुम्हारा वो स्थगित पल ! 

Sunday, 5 February 2017

क्रिस्तियनो रोनाल्दो



दोस्त क्रिस्तियनो रोनाल्दो इसमें कोई शक या दो राय नहीं हो सकती तुम अपने समय के महानतम खिलाड़ी हो।भले ही बहुत सारे लोगों की तरह मैं तुम्हें पसंद करूँ ना करूँ,तुम्हें चाहूँ या ना चाहूँ पर रहोगे तुम हमेशा शिखर पर। दरअसल है क्या कि ये दिल लियोनेस मेस्सी से प्यार करता है पर दिमाग तुम्हारा सम्मान करता है।मेस्सी दिल में है तुम दिमाग में हो। मेस्सी कोई कलात्मक अभिव्यक्ति है तो तुम वैज्ञानिक सूत्र हो।मेस्सी किसी कृति का भाव पक्ष है तो तुम उसका शिल्प हो।मेस्सी जिस खेल का महान खिलाड़ी है ना तुम उसके चैंपियन हो। 
                                    तो चैंपियन तुम्हें जन्मदिन बहुत बहुत मुबारक हो। 

Wednesday, 1 February 2017

लम्हा लम्हा


कुछ लम्हे दीदार
कुछ लम्हे ख्याल
कुछ लम्हे इन्तजार 
कुछ लम्हे इकरार
कुछ लम्हे बातें
कुछ लम्हे वादे
कुछ लम्हे खुशी
फिर
इन लम्हों का सिला
हर लम्हा बस
तेरी याद 
तेरी याद।
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